बुधवार, 2 सितंबर 2020

पढाई में मन कैसे लगाए?

बहुत सारे बच्चे ऐसे होते है जो सोचते है की मैं खूब पढूंगा पर जब पढ़ने बैठते है तो उनका मन नहीं लगता। वो दिन भर बैठ के प्लान बनाते है की कल सुबह जल्दी उठ के पढाई करूँगा पर जब सुबह होती है तो वो ना तो पढाई करते है ना ही सो के उठ पाते है।

ऐसे ही कुछ बच्चो को लगता है की उनका रात के समय में दिमाग अच्छा चलता है, पर जैसे ही वो किताब उठाते है उनको नींद आने लगती है। जबकि जब वो रोज किताबें नहीं उठाते थे तो उनको कभी नींद नहीं आती थी।

तो अब बात आती है की पढाई में मन लगाए तो कैसे लगाए?

क्यूंकि अगर आपका पढाई में मन नहीं लगाया तो आपका जीवन बर्बाद हो जायेगा। और हर बीतते हुए पल में आप कुछ खो रहे होएंगे। हर इंसान की ज़िन्दगी में एक समय ऐसा आता है जब उसे लगता है काश वो अच्छे से पढ़ा होता तो जीवन आज कुछ और ही होता।

आजकल के युवा ने एक नयी दुनिया ही बना ली है ऑनलाइन - इंटरनेट पे लोगो से बात करना, गेम खेलना, टीवी सीरीज और ना जाने क्या क्या। क्यूंकि यहाँ सब चीज़े असल जिंदगी से आसान हो गयी है तो लोगो को भी बड़ी पसंद आती है और सब कुछ एक बटन पे। अब ध्यान देने वाली बात ये है की एक बटन पे आप अपना समय भी बर्बाद कर सकते है।

आपको अपने जीवन में एक नियंतरण लाना होगा, किस चीज़ पे कितना समय देना है तय करना होगा। हो सकता है अभी जीवन में आपको कैसे भी कोई दिक्कत ना हो क्यूंकि आपकी सब जरूरतों का ध्यान आपके मात पिता रख रहे है। पर एक दिन आपको अपनी जिम्मेदारी खुद लेनी पड़ेंगी और अपने परिवार की भी। 

इसलिए कल का इंतज़ार ना करे आज ही से अपने जीवन में जिम्मेदारी लेने लगे और अपने माता पिता का हाथ बटाने लगे। जिम्मेदारी लेने की कोई उम्र नहीं होती है, जितना जल्दी आप जीवन में जिम्मेदार बनेंगे उतना आगे जायेंगे।

पढाई में मन कैसे लगाए

जीवन में पढ़ाई का महत्व तो सब ही जानते है। इसलिए अगर आपका पढ़ाई में मैं नहीं लगता है तो आपको जल्द से जल्द कुछ करना चाइये क्यूंकि निकला हुआ समय वापस नहीं आता है। आपकी मदद के लिए हम नीचे कुछ टिप्स आपको दे रहे है।

जीवन में अनुशासन सीखे

अगर आपका मन पढाई में नहीं लगता है तो कोई बात नहीं, क्यूंकि हम आपको बता सकते है की आपका मन पढ़ाई म क्यों नहीं लगता। आपका आपके मन के ऊपर कोई  नियंत्रण नहीं है, आप उसके गुलाम हो चुके है।

अब आपको अपने मन पे काबू पाना है बस। इसके लिए आप कोई भी काम बाद के लिए ना छोड़े। छोटे छोटे काम खुद करना शुरू कर दे जैसे की अपना बिस्तर बनाना, अपने कपड़े खुद धोना। और हो सके तो ध्यान का भी थोड़ा सहारा ले।

अच्छे वातावरण में पढ़े

पढ़ते समय ये बहुत जरुरी होता है की आपकी एकाग्रता बनी रहे। इसलिए हमेशा ऐसा माहौल ढूंढे जहाँ आपका ध्यान बने रहे पढाई में। कुछ लोगो को लाइब्रेरी में पढ़ना पसंद होता है तो वही कुछ लोगो को गाने सुनते हुए। इसलिए वातावरण हमेशा अपने अनुसार चुने।

मोबाइल, कंप्यूटर, टीवी बंद रखे

सबसे जायदा ध्यान भटकाने वाली चीज़े आज के समय में मोबाइल ही है और उसके बाद कंप्यूटर और टीवी। पढ़ते समय इनको बंद रखे अगर आपको इनकी जरुरत नहीं है। और अगर आप इन्ही से पढ़ते है तो सब Distracting Websites को ब्लॉक करदे उतने समय के लिए। इनके लिए आप Apps का सहारा ले सकते है। अगर एक बार ध्यान भटक जाये तो दोबारा ध्यान बनने में १० से १५ मिनट लगती है इसलिए फ़ोन को एक बार भी ना उठाये, चाहे कॉल आये, मैसेज आये या कोई नोटिफिकेशन। 

छोटे छोटे Sessions में पढाई का समय बांटे

कभी भी ऐसी प्लानिंग ना करे जिसको आप कभी पूरा ना कर पाए। क्यूंकि जब आप पूरा नहीं कर पाते तो आप और परेशान होते है जिससे परिणाम और ख़राब हो जाते है।

अपनी पढ़ाई के लिए समय बाँध ले की एक बार में मैं इतना पढ़ के ही उठूंगा। 30 या 40 मिनट्स के सेशन बना ले पढ़ने के और फिर इसके बाद 5 से 10 मिनट का ब्रेक। अब आपको जो कुछ भी करना हो चाहे वो पानी पीना हो या मोबाइल में कुछ देखना वो इस ब्रेक में ही करे।

अपनी पढ़ने की टेबल को साफ़ रखे

हमेशा अपने पढ़ने की टेबल को साफ़ रखे। बस उतना सामान लेके ही बैठे जितने की आपको जरुरत है। अगर आपको बस एक पेंसिल और एक किताब की ही जरुरत है तो बस वो ही लेके बैठे। बिना मतलब किताबो का ढेर ना लगा ले। किताबो का ढेर लगाने से दिमाग अंदर ही अंदर परेशान होने लगता है, खासतौर से उनका जिनका वैसे ही पढ़ने में मन नहीं लगता है। 

कोशिश करते रहे

शायद आपने सुना हो की कोशिश करने वालो की कभी हार नहीं होती है। और ये जीवन का एक बहुत बड़ा सत्य है। आपको अपने जीवन में लगातार कोशिश करते रहना चाइये जब तक आप जीत नहीं जाते।

अपने लिए एक समय बांध ले और उस समय पढ़ने जरूर बैठे। हो सकता है आपका बिलकुल मन भी ना लगे फिर भी आप बैठे। हो सकता है आप एक घंटे में बस १० मिनट ही पढ़ पाए। पर बैठे जरूर। अगले दिन फिर आपको बैठना है और कोशिश करनी है।  तीसरे दिन फिर से बैठना है। कुछ ही दिनों में आप पाएंगे की आपका पढ़ने का समय बढ़ गया है। 

तो हमेशा याद रखो मुझे हार नहीं माननी है, मैं जीत के रहूँगा क्यूंकि जीवन बस जीतने के लिए बना है, हारते बस वही है जो जीतने की आस छोड़ देते है ।

आज आपने क्या ज्ञान पाया 

तो आज हमने जाना की पढाई में मन कैसे लगाए। उसके बाद हमने पढ़ाई में मन लगाने के तरीके भी जाने। 

अगर आपको किसी भी तरह की दिक्कत आ रही हो तो हमे नीचे कमेंट में जरूर बताये। हम आपके प्रशन का जल्द से जल्द उत्तर देने का प्रयास करेंगे और आपकी सहायता करना चाहएंगे। 

तो दोस्तों अगर आपको हमारी पोस्ट - पढाई में मन कैसे लगाए, अच्छी लगी हो तो अपने दोस्तों के साथ Share जरूर करे। इससे आपके दोस्तों को भी कुछ अच्छा सीखने को मिलेगा। भविस्य में ऐसे आर्टिकल पढ़ते रहने के लिए हमारे ब्लॉग को Follow जरूर करे।


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